किसी सार्वजनिक निकाय का खराब या अनुचित आचरण, जो वैध तो हो सकता है, लेकिन सुशासन के मानकों पर खरा नहीं उतरता; जैसे अनुचित विलंब, अशिष्टता, प्रक्रियाओं का पालन न करना, पक्षपात या उपेक्षा।
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कुप्रशासन लोकपाल संस्थाओं की मुख्य चिंता है। ये अवैधता—जिसका निपटारा अदालतें कर सकती हैं—और केवल असंतोष के बीच की रिक्ति को भरती हैं। यूरोपीय लोकपाल इसे व्यापक रूप से इस रूप में परिभाषित करता है कि कोई सार्वजनिक निकाय उस पर बाध्यकारी नियम या सिद्धांत के अनुरूप कार्य करने में विफल रहे; इसमें सुशासन और मौलिक अधिकारों के सम्मान के सिद्धांत भी शामिल हैं। यह अवधारणा खुली और व्यापक होने के कारण, लोकपाल इसे ठोस रूप देने के लिए अच्छे प्रशासनिक आचरण की संहिताएँ विकसित करते हैं।