Democracy as a Universal Value
Amartya Sen — Democracy as a Universal Value (1999)Amartya Sen · 1999 · लेख · pp. 7–8विवादितस्रोत संलग्न · स्वतंत्र समीक्षा अभी नहींCLM-0747 · 2026-10-27 तक · विषय: अमर्त्य सेन · लेखक: Polity Atlas editorial team
“सेन ने लिखा कि ‘किसी भी स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश में, जहाँ प्रेस अपेक्षाकृत स्वतंत्र हो, कभी कोई गंभीर अकाल नहीं पड़ा’; बिहार 1966, मलावी 2002 और नाइजर 2005 का अध्ययन करते हुए ओलिवियर रुबिन (2009) ने लोकतंत्र और अकाल से सुरक्षा के बीच संबंध की मजबूती पर सवाल उठाया।”
संदर्भ। सेन इस प्रवृत्ति का कारण चुनावों, विपक्षी दलों और स्वतंत्र प्रेस से पैदा होने वाले प्रोत्साहनों को मानते हैं। आलोचक ‘गंभीर अकाल’ और ‘लोकतंत्र’ की परिभाषाओं पर बहस करते हैं और चुनावी लोकतंत्रों में पड़े अकालों की ओर संकेत करते हैं।
समर्थन करने वाला साक्ष्य
1खंडन करने वाला साक्ष्य
1The Merits of Democracy in Famine Protection – Fact or Fallacy?
Olivier Rubin — The Merits of Democracy in Famine Protection – Fact or Fallacy? (2009)Olivier Rubin · 2009 · लेख · abstractस्थिति इतिहास
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