ऐसा मताधिकार जिसमें कुछ मतदाताओं के पास एक से अधिक मत होते हैं, प्रायः संपत्ति, शिक्षा या व्यवसाय के आधार पर, जबकि अन्य के पास एक मत होता है।
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जे. एस. मिल ने 1861 में अधिक शिक्षित लोगों के लिए अतिरिक्त मतों का प्रस्ताव रखा किंतु संपत्ति को आधार के रूप में अस्वीकार किया। बेल्जियम ने 1893 से 1919 तक बहु-मत प्रणाली अपनाई (संपत्ति, परिवार और शिक्षा के आधार पर एक से तीन मत)। यूनाइटेड किंगडम ने 1948 में संसदीय चुनावों में बहु-मत प्रणाली समाप्त कर दी। यह प्रतिबंधित मताधिकार से भिन्न है, जिसमें कुछ लोगों को कोई मत ही नहीं दिया जाता।