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सिद्धांतस्रोत संलग्न · स्वतंत्र समीक्षा अभी नहींCLM-0675 · 2026-10-27 तक · विषय: नगर-राज्य · लेखक: Polity Atlas editorial team

“एक प्रभावशाली विवेचन का तर्क है कि संप्रभु प्रादेशिक राज्य अपरिहार्य नहीं था: सामंतवाद से नगर-संघों और नगर-राज्यों सहित प्राधिकार के कई रूप उभरे, और बाद में ही संप्रभु प्रादेशिक प्राधिकार घरेलू समाज को संगठित करने तथा बाहरी मामलों की संरचना तय करने में अधिक सफल सिद्ध हुआ।”

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संदर्भ

The Italian City-Republics (4th ed.)

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