सामाजिक समन्वय का ऐसा प्रतिरूप जो अनेक व्यक्तियों के कार्यों से उभरता है, जिनमें से कोई भी समग्र परिणाम का इरादा या डिज़ाइन नहीं करता, जैसे भाषा, बाज़ार या सामान्य विधि (common law)।
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फ़्रीडरिख हायेक ने, एडम फ़र्ग्यूसन से उधार लेते हुए, ऐसी व्यवस्थाओं को मानवीय कर्म का परिणाम किंतु मानवीय डिज़ाइन का नहीं कहा, और विकसित व्यवस्थाओं (cosmos) की तुलना रची गई व्यवस्थाओं (taxis) से की। यह विचार विकेंद्रीकृत नियम-निर्माण के पक्ष के तर्कों का समर्थन करता है, किंतु यह नहीं दिखाता कि हर उभरी हुई व्यवस्था कुशल या न्यायपूर्ण है।