विचार-विमर्शकारी निकाय, जैसे नागरिक सभा, जिसे जनता के छोटे पैमाने के प्रतिनिधि नमूने के रूप में चुना जाता है।
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लघु-जनसमूहों में नागरिक जूरियाँ, विचार-विमर्शात्मक सर्वेक्षण और सभाएँ शामिल हैं। उनकी वैधता प्रतिनिधित्व और विचार-विमर्श की गुणवत्ता पर टिकी होती है, निर्वाचन पर नहीं।